आरती सिंह, नई दिल्लीवैज्ञानिकों ने 4,500 वर्ष पुराने राखीगढ़ी कब्रिस्तान में मिले 37 में से 2 लोगों की खोपड़ी का पुननिर्माण कर के निवासियों के चेहरे की हू-ब-हू आकृति बना दी। वैज्ञानिकों ने यह करिश्मा पहली बार किया है। दक्षिण अफ्रीका, यूके और भारत के सात अलग-अलग संस्थानों के विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ 15 वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों की टीम ने राखीगढ़ी से मिले दो खोपड़ियों का असली चेहरा बनाने के लिए उनके कंप्यूटेड टोमोग्रफी (सीटी) डेटा के जरिए क्रैनियोफेशियल रीकंस्ट्रक्शन (सीएफआर) का इस्तेमाल किया।

यह केस स्टडी डब्ल्यू एल जी और वसंत शिंदे के नेतृत्व में की गई। नैशनल ज्योग्रफिक सोसाइटी ने इस प्रॉजेक्ट के लिए आंशिक आर्थिक सहायता दी थी। यह केस स्टडी विश्वविख्यात पत्रिका एनाटॉमिकल साइंस इंटरनैशनल में प्रकाशित हुई है।

राखीगढ़ी परियोजना के नेतृत्वकर्ता वसंत शिंदे ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, ‘स्टडी रिपोर्ट बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि अब तक हमें इसका कोई अंदाजा नहीं था कि सिंधु घाटी सभ्यता के लोग दिखते कैसे थे, लेकिन अब उनके चेहरे की आकृतियों का कुछ-कुछ अनुमान लग गया है।’ राखीगढ़ी हरियाणा में है जो सिंधु घाटी सभ्यता का सबसे बड़ा पुरातत्विक स्थल है।

सिंधु घाटी सभ्यता के लोगों की शारीरिक आकृति का ढांचा तैयार कर पाना अब तक कठिन था क्योंकि सभ्यता के कब्रिस्तानों एवं कब्रों की अब तक पर्याप्त खोज नहीं हुई थी और मानव कंकालों से प्राप्त मानव वैज्ञानिक आंकड़े (ऐंथ्रोपॉलोजिकल डेटा) सभ्यता के निवासियों की शारीरिक आकृति के पुनर्निर्माण के लिहाज से पर्याप्त नहीं थे। साथ ही, मोहनजोदड़ो से मिली प्रधान पुरोहित (प्रिस्ट किंग) की एक प्रसिद्ध मूर्ति के अलावा सिंधु घाटी सभ्यता की एक भी उच्चस्तरीय या विकसित कलाकृति नहीं मिली जिससे तत्कालीन निवासियों की शारीरिक आकृति तैयार की जा सके।

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श्रीनगर
जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के बाद से राजनीतिक तनाव की स्थिति बनी हुई है और कई बड़े नेता अभी तक हिरासत में नजरबंद हैं। इसी बीच ब्‍लॉक विकास परिषदों के चुनावों का ऐलान भी कर दिया गया है। पीपल्स डेमोक्रैटिक पार्टी के अध्यक्ष और नजरबंद नेता ने भारतीय जनता पार्टी को घेरा है और आरोप लगाया है कि पार्टी को न ही सेना के जवानों की चिंता है और न कश्मीरियों की, उसे सिर्फ चुनाव जीतने से मतलब है।

‘कश्मीर में क्यों है सेना?’
गौरतलब है कि राज्य से आर्टिकल 370 हटाने के साथ ही महबूबा को नजरबंद कर दिया गया था। ऐसे में उनका ट्विटर अकाउंट उनकी बेटी चला रही हैं। महबूबा के ट्विटर हैंडल से गुरुवार को सवाल किया गया कि अगर सब कुछ सामान्य है तो कश्मीर में 9 लाख (सेना की) टुकड़ियों की मौजूदगी की वजह क्या है। उन्होंने ट्वीट किया- ‘वे यहां पाकिस्तान की ओर से आशंकित हमले की वजह से नहीं बल्कि विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए हैं। सेना की प्राथमिक जिम्मेदारी विरोध के स्वर को कुचलने की जगह सीमाओं को सुरक्षित रखने की है।’

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‘सिर्फ चुनाव पर है बीजेपी का ध्यान
उन्होंने आगे लिखा- ‘भारतीय जनता पार्टी वोटों के लिए जवान कार्ड का इस्तेमाल करती है और उनके बलिदान को हाइजैक करती है लेकिन सच यह है कि अगर कश्मीरियों को जंग में इस्तेमाल किया जा रहा है तो सेना भी घाटी में तनाव रोकने का मोहरा बन गई है। सत्ताधारी पार्टी क न जवानों की चिंता है और न कश्मीरियों की। उनका ध्यान सिर्फ चुनाव जीतने पर है।’

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24 अक्टूबर को हैं चुनाव
गौरतलब है कि चुनाव आयोग की जारी अधिसूचना के अनुसार 24 अक्टूबर को चुनाव होंगे। अधिसूचना के मुताबिक, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर है, जबकि नामांकन पत्रों की जांच 10 अक्टूबर को की जाएगी। नामांकन वापस लेने की तारीख 11 अक्टूबर है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 24 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक मतदान होगा। मतों की गिनती भी उसी दिन दोपहर 3 बजे से शुरू हो जाएगी।

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नई दिल्ली
राहुल गांधी के अध्यक्ष पद छोड़ने पर सवाल उठाने वाले पूर्व विदेश मंत्री पर पार्टी के भीतर हमले तेज हो गए हैं। राहुल गांधी पर खुर्शीद की टिप्पणी से बिफरे राशिद अल्वी ने उन्हें घर को आग लगाने वाला चिराग करार दिया था और अब लोकसभा में कांग्रेस के नेता ने भी उन्हें सीख दी है। चौधरी ने सलमान खुर्शीद के राहुल पर दिए बयान को लेकर कहा कि उन्हें बाहर बोलने की बजाय पार्टी के भीतर ही अपनी राय रखनी चाहिए।

राहुल गांधी का बचाव करते हुए अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि खुर्शीद को पार्टी के स्तर पर सभी मुद्दे रखने चाहिए। चौधरी ने कहा, ‘पार्टी जब राज्यों में चुनाव के लिए उतरने वाली है। तब इस तरह की टिप्पणियां कांग्रेस को फायदा पहुंचाने वाली नहीं हैं। बाहर बयानबाजी करने की बजाय खुर्शीद को अपनी राय पार्टी के भीतर ही जाहिर करनी चाहिए।’

उन्होंने कहा कि वह राहुल गांधी को लेकर सलमान खुर्शीद की ओर से दिए गए बयान का समर्थन नहीं करते हैं। चौधरी ने कहा, ‘कई मौकों पर राहुल गांधी ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि वह मानते हैं कि कांग्रेस की हार के लिए अध्यक्ष की नैतिक जिम्मेदारी है। इसी विचार के तहत उन्होंने पार्टी प्रेजिडेंट के पद को छोड़ने का फैसला लिया।’

अधीर रंजन चौधरी ने राहुल के इस्तीफे के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने मिसाल कायम की है। चौधरी ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में हार की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देकर राहुल गांधी ने दुर्लभ उदाहरण पेश किया है।

ज्योतिरादित्य पर बोले, हम सभी कर रहे आत्मनिरीक्षण
ज्योतिरादित्य सिंधिया के आत्मनिरीक्षण की जरूरत वाले बयान पर लोकसभा में पार्टी नेता ने कहा, ‘हम सभी आत्मनिरीक्षण कर रहे हैं। सभी विचारों और स्थितियों का आकलन करने के बाद ही ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी ने सोनिया गांधी से अध्यक्ष पद संभालने की अपील की थी।’

खुर्शीद को अल्वी ने बताया था, घर जलाने वाला चिराग
गौरतलब है कि सलमान खुर्शीद ने मंगलवार को कहा था, ‘हम विश्लेषण के लिए भी एकजुट नहीं हो सके कि हम लोकसभा चुनाव में क्यों हारे। हमारी सबसे बड़ी समस्या यही है कि हमारे नेता ने हमें छोड़ दिया।’ इस पर राशिद अल्वी ने उन पर हमला बोलते हुए कहा था, ‘महाराष्ट्र से कोई और बोल रहा है, हरियाणा से कोई और बोल रहा है। ऐसा लग रहा है कि आज हमें बाहर के दुश्मनों की जरूरत ही नहीं रह गई है। घर को आग लग गई, घर के ही चिराग से। वो हालात हैं। इस तरीके से ना होकर, इकट्ठा होकर मुकाबला करने की जरूरत है।’

(एएनआई के इनपुट्स भी शामिल)

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फिरोजपुर
पंजाब में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने का सिलसिला जारी है। बीएसएफ सूत्रों के मुताबिक लगातार तीसरे दिन फिरोजपुर में पाकिस्तानी तरफ से ड्रोन आते देखे गए। इससे पहले सोमवार और मंगलवार को भी यहां पाक ड्रोन मंडराते देखे गए थे। लगभग एक महीने में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर सीमापार से भारत में हथियार लाने वाले दो ड्रोन्स के पकड़े जाने के बाद से पंजाब पुलिस मामले की जांच कर रही है।

बीएसएफ सूत्रों के मुताबिक बुधवार शाम को फिरोजपुर जिले के हुसैनीवाला गांव में पाकिस्तान की ओर से ड्रोन घुसते नजर आए। सबसे पहले शाम 7.15 बजे इसे देखा गया। इसके बाद सुरक्षा बल के जवान और फिर स्थानीय लोगों ने भी ड्रोन देखे जाने की तस्दीक की। पुलिस छानबीन में जुटी है।

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इससे पहले पाकिस्तान का एक और संदिग्ध ड्रोन मंगलवार रात हुसैनीवाला क्षेत्र में भारत-पाक सीमा पर भारतीय इलाके में उड़ता पाया गया था। ग्रामीणों ने अपने मोबाइल पर ड्रोन की तस्वीरें खींच ली थीं। एक अधिकारी ने बताया कि सबसे पहले इसे देखे जाने की खबर हजारासिंह वाला गांव में शाम 7.20 बजे दी गई और उसके बाद उसे तेंदीवाला गांव में रात 10.10 बजे देखा गया। इससे पहले पाकिस्तानी ड्रोन को सोमवार रात में उसी क्षेत्र में तीन बार देखा गया था।

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पुलिस के एक प्रवक्ता ने 27 सितंबर को कहा कि पुलिस टीमें पाकिस्तान से भेजे गए इन ड्रोन्स को भेजने में आतंकवादी संगठनों के लिंक भी तलाश रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक सिर्फ दो ड्रोन्स जब्त हुए हैं, जिनमें एक पिछले महीने और दूसरा तीन दिन पहले तरनतारन जिले के धाबल नगर में जली हुई स्थिति में मिला था।

अब तक हुई जांच के अनुसार, अगस्त में कश्मीर से अनुच्छेद-370 खत्म किए जाने के बाद से ही पाकिस्तान के कई आतंकवादी संगठन भारत में हथियार भेज रहे हैं। जब्त हुए दोनों ड्रोन्स पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से संबद्ध अलग-अलग आतंकवादी संगठनों के लग रहे हैं।

(आईएएनएस से मिले इनपुट के साथ)

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लखनऊ
यूपी के झांसी में मामले में समाजवादी पार्टी (एसपी) और कांग्रेस के बाद बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने भी पर निशाना साधा है। बीएसपी प्रमुख ने एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए कहा कि यूपी में कानून का नहीं, बल्कि अपराधियों का जंगलराज है। उन्होंने कहा कि फर्जी एनकाउंटर को लेकर जनता में काफी गुस्सा है।

मायावती ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया, ‘यूपी की राजधानी लखनऊ में जब खुलेआम अपराध जारी है तो फिर अन्य जिलों की भी दयनीय स्थिति समझी जा सकती है। फर्जी एनकाउंटर को लेकर भी जनता में काफी रोष व बेचैनी है और वे आवाज उठा रहे हैं। स्पष्ट है कि यूपी में कानून का नहीं, बल्कि अपराधियों का जंगलराज चल रहा है। सरकार तुरन्त ध्यान दे।’

पत्नी बोली, पैसे वापस मांगे तो मार डाला
पुष्पेंद्र की पत्नी शिवांगी का कहना है कि उसके पति का मोठ कोतवाल से बालू के व्यापार का सौदा एक लाख में तय हुआ था। 50 हजार रुपये पहले दे आए थे। कोतवाल एक के बजाए डेढ़ लाख मांगने लगा था। पति ने सौदा तोड़ते हुए 50 हजार रुपये वापस मांगे। इसी पर विवाद हुआ और मेरे पति को एनकाउंटर दिखाकर मार डाला।

एनकाउंटर नहीं हत्या है-
इससे पहले बुधवार को एसपी प्रमुख अखिलेश यादव पुलिस के कथित एनकाउंटर में मारे गए पुष्पेंद्र के गांव कुरगवां पहुंचे। उन्होंने कहा कि पुष्पेंद्र की हत्या की गई है। इसे एनकाउंटर नहीं कहा जा सकता। पुलिस ने हिंदू धर्म के विपरीत रात में ही उसका शव जला दिया, इसे रामराज्य तो नहीं कहा जाएगा? मामले की जांच सिटिंग जज के नेतृत्व में होनी चाहिए।

यूपी में कानून-व्यवस्था के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि जिस प्रदेश का मुख्यमंत्री यह कहे कि ‘ठोक दो’, वहां की पुलिस से क्या अपेक्षा की जा सकती है। पुष्पेंद्र यादव के गांव पहुंचकर अखिलेश ने उनके परिजनों से मुलाकात की और घटना की विस्तृत जानकारी लेने के बाद उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया।

अखिलेश का आरोप- थाना प्रभारी को बचाने के लिए सब एकजुट
अखिलेश ने फर्जी पुलिस मुठभेड़ का आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी सरकार में ऐसी अनेक हत्याएं हुई हैं- सोनभद्र, सहारनपुर, नोएडा, आजमगढ़, शामली जैसे अनेक उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि बड़े दुख की बात है कि एक थाना प्रभारी को बचाने के लिए प्रशासन और सरकार एकजुट हो गए हैं।

तेज बहादुर समेत 39 गिरफ्तार
दूसरी ओर पुष्पेंद्र के लिए धरने पर बैठे वाराणसी में पीएम मोदी के खिलाफ पर्चा भरने वाले और जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के तेज बहादुर समेत 39 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

पुष्पेंद्र पर एसएचओ की कार लूटने का था आरोप
बता दें कि कि झांसी पुलिस के अनुसार, शनिवार रात बालू खनन में शामिल पुष्पेंद्र ने कानपुर-झांसी राजमार्ग पर मोंठ के थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान पर फायर कर उनकी कार लूट ली थी। पुलिस ने उसी रात नाकेबंदी कर पुष्पेंद्र को गुरसरांय थाना इलाके में फरीदा के पास मुठभेड़ में मार गिराया था। उस वक्त पुष्पेंद्र के साथ दो और लोग थे, लेकिन वे फरार हो गए। रविवार को पुष्पेंद्र यादव, विपिन, रविंद्र के खिलाफ मोंठ और गुरसरांय थाने में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए। जबकि इससे पहले पुष्पेंद्र पर कोई मामला दर्ज नहीं होने का दावा किया गया।

एडीजी एलओ पीवी रामाशास्त्री ने कहा, ‘पुलिस ने विधि सम्मत कार्रवाई की है। मुठभेड़ों में एनएचआरसी की गाइड लाइन का पालन हो रहा है। मैजिस्ट्रेटी जांच हो रही है।’

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रायपुर
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी () और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ () के को उत्तेजक राष्ट्रवाद बताया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस देश में गांधी का ही राष्ट्रवाद बचेगा क्योंकि उसमें असहमति का भी सम्मान है। उन्होंने यह भी कहा कि संघ के राष्ट्रवाद में विरोधी विचार वाले को देशद्रोही बता दिया जाता है।

छत्तीसगढ़ में गांधी के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने और ग्राम स्वराज के संकल्प को आगे बढ़ाने के मकसद को लेकर राज्य सरकार गांधी विचार यात्रा निकाली रही है। इस यात्रा का गुरुवार को रायपुर में समापन होगा। यात्रा के समापन दिवस की पूर्व संध्या पर भूपेश बघेल ने कहा, ‘गांधी का राष्ट्रवाद वह है, जिसमें असहमति को भी सम्मान है लेकिन संघ और बीजेपी का राष्ट्रवाद उत्तेजक राष्ट्रवाद है। संघ के राष्ट्रवाद में जो भी व्यक्ति अपने विचार व्यक्त करता है या विरोध में विचार रखता है, उसे देशद्रोही करार दे दिया जाता है।’

‘आखिर में सिर्फ गांधी का राष्ट्रवाद बचेगा’
मुख्यमंत्री से जब पूछा गया कि गांधी के राष्ट्रवाद और संघ के राष्ट्रवाद में जो टकराव की स्थिति बन रही है, उसमें गांधी के राष्ट्रवाद को छत्तीसगढ़ में कैसे स्थापित कर पाएंगे। इस पर उन्होंने कहा, ‘महात्मा गांधी का राष्ट्रवाद रचा बसा है छत्तीसगढ़ के जनजीवन और देश के जनजीवन में। गांधी के राष्ट्रवाद में असहमति का भी सम्मान है लेकिन संघ का राष्ट्रवाद उत्तेजक राष्ट्रवाद है।’

जब उनसे पूछा गया तो क्या गांधी का राष्ट्रवाद बचेगा, इस पर बघेल ने कहा, ‘देश में गांधी का ही राष्ट्रवाद बचेगा क्योंकि वह ऐसा राष्ट्रवाद है, जो सभी तरह के विचारक, ऋषि-मुनियों और असहमति रखने वालों के विचारों को भी साथ लेकर चलता है, उनका सम्मान करता है।’ बघेल से पूछा गया कि संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है, ‘मॉब लिंचिंग विदेशी शब्द है और इससे देश बदनाम हो रहा है।’ इसे भूपेश बघेल ने भी सही ठहराया लेकिन साथ ही में प्रतिप्रश्न किया, ‘भागवत बताएं कि उनका राष्ट्रवाद किसका है। क्या देश का राष्ट्रवाद है या यह जर्मनी या इटली का है। उनका राष्ट्रवाद हिटलर और मुसोलिनी से प्रभावित है या नहीं है। सवाल इस बात का है।’

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अनिल कुमार शुक्ल, ठाणे
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में (एमएनएस) और मिलकर शिवसेना-बीजेपी को झटका देने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। नामांकन वापसी के अंतिम दिन ठाणे शहर विधानसभा सीट से एनसीपी के उम्मीदवार सुहास देसाई के नामांकन वापस लेने के बाद एनसीपी द्वारा को समर्थन देने के ऐलान से दोनों की मिलीभगत साफ हो गई है।

बता दें कि इस सीट से एमएनएस के उम्मीदवार के रूप में जिला अध्यक्ष अविनाश जाधव मैदान में हैं। एनसीपी ने उम्मीदवार वापस लेकर एमएनएस की राह आसान कर दी है। दूसरी तरफ कलवा-मुंब्रा सीट से एनसीपी के उम्मीदवार जितेंद्र आव्हाड के सामने एमएनएस की तरफ से कोई उम्मीदवार नहीं उतारा गया है।

कई सीटों पर साथ आई एनसीपी-शिवसेना
इसी तरह कल्याण ग्रामीण में एनसीपी ने एमएनएस के राजू पाटील के सामने उम्मीदवार नहीं उतारा है। शहापुर और मुरबाड में एनसीपी के सामने एमएनएस ने उम्मीदवार नहीं उतारा है। कल्याण पूर्व में भी एनसीपी उम्मीदवार है और एमएनएस ने उम्मीदवार नहीं उतारा है। एमएनएस की तरफ से जिले की विभिन्न सीटों पर के नाराज पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से भी संपर्क किया जा रहा है। इसका जिम्मा एमएनएस नेता अभिजीत पानसे के पास है।

सूत्रों के अनुसार पानसे ने शिवसेना के कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करके एमएनएस प्रत्याशी अविनाश जाधव को मदद करने की अपील की है। ठाणे लोकसभा सीट शिवसेना को न मिलने से शिवसेना खेमे में नाराजगी बनी है। ऐसे में अब देखना पड़ेगा की एनसीपी और एमएनएस की जोड़ी शिवसेना की मदद से कितना फायदा उठा सकती है।


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नई दिल्लीलोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को निचले सदन के लिए आचार, महिला सशक्तीकरण और याचिका समिति समेत कई समितियां गठित कीं। लोकसभा सचिवालय ने एक बयान में कहा कि अध्यक्ष ने विनोद कुमार सोनकर को लोकसभा की आचार समिति, सुनील कुमार सिंह को विशेषाधिकार समिति और रवनीत सिंह को सदन की बैठकों से सदस्यों की अनुपस्थिति संबंधी समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है।

इसमें कहा गया कि हीना विजयकुमार गावित महिला सशक्तीकरण समिति की अध्यक्ष होंगी, जबकि राजेंद्र अग्रवाल सरकारी आश्वासन संबंधी समिति के प्रमुख होंगे। इनके अतिरिक्त श्याम सिंह यादव, वीरेंद्र कुमार और रघुराम कृष्णराजू कानुमुरू को क्रमश: सभा पटल पर रखे गए पत्रों संबंधी समिति, याचिका समिति और अधीनस्थ विधान संबंधी समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।

अध्यक्ष ने संसद सदस्यों के वेतन एवं भत्तों संबंधी संयुक्त समिति के सदस्य भी नामित किए हैं। उन्होंने व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कामकाजी स्थितियां संहिता को श्रम मामलों की स्थायी समिति को निरीक्षण के लिए भेजा है और तीन महीने के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है।

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नई दिल्ली
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की सुरक्षा कई एजेंसियों के लिए चिंता विषय बन गई है। दरअसल हाल के दिनों में ऐसा घटनाएं सामने आई हैं जब आम पब्लिक सीजेआई के करीब आकर सेल्फी लेते दिखे हैं। इन घटनाओं ने उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा कर दी है। इसलिए गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, खुफिया ब्यूरो और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने इस मुद्दे पर उच्चस्तरीय बैठक की है।

एएनआई के मुताबिक, बैठक के दौरान इस पर ध्यान दिलाया गया कि सीजेआई की सुरक्षा बेहद कमजोर हो गई है। दिल्ली पुलिस के जॉइंट सीपी (सुरक्षा) आई डी शुक्ला की तरफ से जारी लेटर के मुताबिक, ‘चर्चा के दौरान यह मुद्दा उठाया गया कि एक पॉइंट पर आकर दिल्ली पुलिस की सुरक्षा इतनी कमजोर हो जाती है कि कोई भी सीजेआई के पास आ सकता है और उनके साथ सेल्फी ले सकता है। इसकी सराहना नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे तुरंत रोकने की जरूरत है।’

उच्चस्तरीय बैठक के बाद सभी सुरक्षा एजेंसियों को कहा गया है कि वे सीजेआई के काफिले की सुरक्षा सुनिश्चित करें और या तो एक क्लोज प्रॉक्सिमिटी टीम या फिर क्लोज रिंग टीम तैनात की जाए। लेटर के मुताबिक, ‘मौजूदा सुरक्षा की स्थिति को देखते हुए यह जरूरी है कि इससे जुड़ी सभी एजेंसियां सभी उच्च-पदस्थ गणमान्य हस्तियों की फुलप्रूफ सुरक्षा सुनिश्चित करें।’

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नई दिल्ली
के कोपेनहेगन में जलवायु परिवर्तन पर होने वाले C40 सम्मेलन में दिल्ली के सीएम को जाने की अनुमति नहीं मिलने पर केंद्र सरकार ने सफाई दी है। सरकार का कहना है कि कोपेनहेगन में आयोजित समारोह मेयर के स्तर का था, इसलिए दिल्ली के सीएम को उसमें शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई।

विदेश मंत्रालय ने इस मुद्दे पर कहा कि पैनल चर्चा में दिल्ली के सीएम के बतौर स्पीकर भागीदारी करना उचित नहीं रहता क्योंकि अन्य देशों की भागीदारी के स्तर उनके बराबर का नहीं था। सीएम दुनिया के एक सबसे बड़े शहरों में से एक दिल्ली के सीएम हैं, जो कि देश की राजधानी भी है, इसलिए उन्हें इस इवेंट में भागीदारी न करने का सुझाव दिया गया।

उधर, केजरीवाल के डेनमार्क दौरे से संबंधित एक सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को कहा, ‘यह एक मेयर स्तर की कॉन्फ्रेंस है और इसमें पश्चिम बंगाल के एक मंत्री शामिल होंगे।’ सूत्रों के अनुसार सीएम के लिए अलग प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है और विपक्षी पार्टियों को निशाना बनाए जाने की बात सही नहीं है।

सम्मेलन में केजरीवाल दिल्ली सरकार द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए गए प्रयासों समेत कई अन्य मुद्दों पर दो सेशन को संबोधित करने वाले थे। सूत्रों के अनुसार केजरीवाल ने इस समारोह के लिए स्पीच भी तैयार कर ली थी। उन्हें कोपेनहेगन में कई शहरों के मेयर से भी मीटिंग करनी थी। गौरतलब है कि दिल्ली सीएम को अनुमति नहीं मिलने के बाद आप के नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने केंद्र सरकार पर दुर्भावना से काम करने का आरोप लगाया था।

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बिहार में इस बार मॉनसून आफत बनकर आया है। राज्य के कई क्षेत्र में बाढ़ आई हुई है जिससे सामान्य जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। इस स्थिति को देखते हुए सरकार के साथ ही लोग भीबाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। अब अमिताभ बच्चन ने भी इसमें अपना सहयोग दिया है।

मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने त्रासदी के पीड़ितों की ओर मदद का हाथ बढ़ाते हुए सीएम राहत कोष में 51 लाख रुपये डोनेट किए हैं। ऐक्टर के प्रतिनिधि विजयनाथ मिश्र ने चेक व अमिताभ द्वारा सीएम नीतीश कुमार को लिखा गया पत्र बुधवार को उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को सौंपा।

सुशील मोदी ने किया ट्वीट
उप-मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने चेक और पत्र प्राप्त करते हुए तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट की है। इसके साथ उन्होंने लिखा, ‘बिहार की बाढ़ त्रासदी में सहयोग हेतु सुप्रसिद्ध अभिनेता श्री अमिताभ बच्चन जी ने अपने प्रतिनिधि श्री विजय नाथ मिश्र के माध्यम से मुख्यमंत्री राहत कोष में रु. 51 लाख का चेक भेंट किया’।

क्या लिखा है खत में
अमिताभ बच्चन ने अपने पत्र में बिहार में आई आपदा पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों के प्रति संवेदना और सहानुभूति जताई। अमिताभ ने आगे लिखा कि वह पीड़ितों की मदद के लिए अपनी ओर से मदद का छोटा सा हाथ बढ़ा रहे हैं। इसके साथ उन्होंने चेक संख्या और उसमें दर्ज राशि का जिक्र किया।

अमिताभ ने अंत में अपनी हैंडराइटिंग में इसका भी जिक्र किया कि उन्होंने अपने टीवी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में भी लोगों से बिहार बाढ़ पीड़ितों की मदद करने की अपील की है।

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नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय वायुसेना के 87वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में बुधवार को ‘ऐट होम’ कार्यक्रम में शमिल हुए और वायुसेना के मार्शल दिवंगत के सम्मान में एक स्मारक जारी किया। मोदी ने इनोवेशन आधारित ‘सेल्फ रिलायंस’ प्रदर्शनी भी देखी।

प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, ‘इस साल हम भारतीय वायुसेना के अर्जन सिंह डीएफसी (प्रतिष्ठित फ्लाइंग क्रॉस) का जन्म शताब्दी वर्ष मना रहे हैं। हमारे राष्ट्र के लिए उनकी अनुकरणीय सेवा के सम्मान में एक डाक टिकट जारी किया गया। आने वाले वर्षों में उनका साहस हमारे राष्ट्र के लोगों को प्रेरित करता रहे।’

‘ऐट होम’ कार्यक्रम वायुसेना दिवस समारोह के हिस्से के रूप में मनाया गया। उन्होंने आयोजन की तस्वीरें साझा कीं जिनमें से एक में वह प्रदर्शनी में शामिल होने वाले वायुसेना कर्मियों को प्रमाण पत्र देते नजर आ रहे हैं।

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