IAF ने दिखाया टाइगर हिल पर अटैक का सीन

ग्वालियरदुश्मन पर पहुंच चुका था। हिल पर पाकिस्तानी घुसपैठिए थे और भारतीय सैनिक उनका नीचे से मुकाबला कर रहे थे। ऊंचाई पर होने का फायदा पाकिस्तानी घुसपैठियों को मिल रहा था। हमारे सैनिक जाबांजी दिखाते हुए मुकाबला कर रहे थे और शहीद भी हो रहे थे तब ने मोर्चा संभाला और टाइगर हिल को दुश्मनों से खाली कराने के लिए ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ लॉन्च किया।

एयरफोर्स के फाइटर जेट्स ने टाइगर हिल पर बम गिराकर दुश्मन का सफाया किया। इसमें फाइटर जेट मिराज-2000 का भी इस्तेमाल किया गया। पहली बार इंडियन एयरफोर्स ने इतनी ऊंचाई से 17400 फीट की ऊंचाई पर लेजर गाइडेड बम गिराया। करगिल युद्ध में पहली बार लेजर गाइडेड बम का इस्तेमाल हुआ।

फाइटर जेट ने बम गिराकर टाइगर हिल से दुश्मन का सफाया किया और फिर हेलिकॉप्टर के जरिए सैनिकों को इसके पास ड्रॉप किया। सैनिकों ने टाइगर हिल पर फिर से तिरंगा फहराया। आज ही के दिन 24 जून को 20 साल पहले मिराज-2000 से पहली बार लेजर गाइडेड बम गिराया गया। एयरफोर्स के ग्वालियर एयरबेस में एयरफोर्स ने फिर इस सीन को रीक्रिएट किया और दिखाया कि किस तरह इंडियन एयरफोर्स ने टाइगर हिल से दुश्मन का सफाया गया।

इंडियन एयरफोर्स के पास अभी सबसे अच्छा फाइटर जेट मिराज-2000 है। इस मल्टी रोल एयरक्राफ्ट मिराज-2000 को फ्रांस की कंपनी दसॉ ने बनाया है। यह एयरफोर्स की बैकबोन रहा है। करगिल युद्ध में इसका इस्तेमाल किया गया और इसी साल पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी ठिकाने को ध्वस्त करने के लिए भी मिराज-2000 का ही इस्तेमाल किया गया।

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