ग्रीन सिग्नल मिल जाए तो 20 दिन में भारत में 5जी ले आएंगे, पर यहां बुनियादी ढांचा भी तैयार नहीं



गैजेट डेस्क.हुवावे कंपनी नेदावा कियाहै कि वे भारत में 5जी सर्विस लाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अगर अनुमति दी जाए तो वे 20 दिन के अंदर भारत में 5जी सर्विस शुरू कर सकते हैं। 5G नेक्ट जनरेशन टेक्नोलॉजी है जो 4G LTE नेटवर्क की तुलना में 10 से 100 गुना तक तेज डाउनलोड स्पीड प्रदान करती है।

हुवावे इंडिया के सीईओ जे शेन इंडिया मोबाइल कॉनक्लेव में शामिल हुए। कॉनक्लेव में जे शेन ने कहा, ‘हम भारतीय बाजार के लिए प्रतिबद्ध है। हमें भारतीय बाजार में 5जी सर्विस तेज और सुरक्षित तरीके से लाने के लिए सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ काम करने में खुशी होगी।’ शेन ने बताया कि सरकार के द्वारा भारत को डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने की कोशिशों से भारत में डिजिटलाइजेशन को तेजी से अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘पिछले कुछ सालों में मार्केट में लगभग हर नई तकनीक और उत्पाद हुवावे द्वारा दिया गया है।’

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टेलीकॉम इंडस्ट्री पर 7.80 लाख करोड़ का कर्ज

  • भारत मेंटेलीकॉम इंडस्ट्री पर अभी 7.80 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज है, इसलिए कंपनियों की हालत ऐसी नहीं है कि वे 5जी कनेक्विटी के मकसद से बुनियादी ढांचा खड़ा करने के लिए निवेश कर सकें।
  • इसके अलावा कंपनियां 5जी स्पेक्ट्रम की महंगी कीमतें भी नहीं चुका सकतीं। इस वजह से कंपनियों ने हाल ही में टेलीकॉम डिपार्टमेंट से 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी 2020 से पहले नहीं करने का अनुरोध भी किया है।
  • मोबाइल ऑपरेटर एसोसिएशन का कहना है कि टेलीकॉम इंडस्ट्री नाजुक दौर से गुजर रही है, ऐसे में 5जी में बड़ा निवेश करना मुश्किल है।

बुनियादी ढांचा खड़ा करने में भी समस्या

  • 5जी कनेक्टिविटी के लिए 80% मोबाइल टॉवरों को नेक्स्ट जनरेशन ऑप्टिकल फाइबर से लैस करने की जरूरत होती है। भारत में अभी ऐसे सिर्फ 15% टॉवर ही हैं। टेलीकॉम इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों और एक्सपर्ट्स ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया कि देश में टॉवरों और ऑप्टिकल फाइबर की कमी के चलते 4जी सर्विस भी सही तरीके से शुरू नहीं हो पाई है, ऐसे में 5जी में समय लगना तय है।
  • एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 5जी का इस्तेमाल कई जगहों पर होना है। जैसे- स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में औरइंटरनेट ऑफ थिंग्स में। ऐसे में अगर 5जी कनेक्टिविटी इस साल या अगले साल तक आ भी जाती है तो भी भारत में इसे शुरू होने में वक्त लगेगा। भारत में 2020 तक ही 5जी स्मार्टफोन्स आने की उम्मीद है।

तिब्बत में लगाए तीन 5जी स्टेशन

हुवावे ने मार्च की शुरुआत में ही तिब्बत में तीन 5जी स्टेशन इंस्टॉल किए हैं। हुवावे अमेरिका और अन्य देशों से अपने 5G परीक्षणों का विरोध झेल रहा है।ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार इन तीनों बेस स्टेशनों को स्थापित करने में हुवावे के उपकरणों का इस्तेमाल किया गया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इन स्टेशनों कोविरोध के बावजूद चीन के अलग अलग हिस्सों में लगाया गया है।

4जी सर्विसेस के मामले में भारत 65वें स्थान पर
इंटरनेट स्पीड पर नजर रखने वाली ग्लोबल फर्म ऊकला की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 4जी सर्विसेस में 15% का सुधार हुआ है, लेकिन दुनिया के मुकाबले देश बहुत पीछे है। 4जी सर्विसेस की ग्लोबल रैंक में भारत 65वें स्थान पर है। ट्राय के टेली डेन्सिटी आंकड़ों के मुताबिक, अभी भी देश में करीब 35% हिस्सा 4जी कवरेज से बाहर है। सिस्को कंपनी के मुताबिक, पूरे देश में 90% टेली डेंसिटी के लिए अभी दो साल का समय और लगेगा।

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huawei says they can test 5G in 20 days  after govt nod


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